कर्नाटक के नवगठित मंत्रिमंडल में 65 वर्षीय एसआर पाटिल को सूचना प्रसारण व जैव प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने का उद्योग जगत की कई हस्तियों ने विरोध किया है।
उन्होंने उनकी अधिक उम्र और तकनीक की समझ पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, एसआर पाटिल ने कहा है कि वे मंत्रालय के कामकाज को बेहतर तरीके से कर सकते हैं और उनकी उम्र से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि पाटिल कर्नाटक के पिछड़े जिले बागलकोट से आते हैं।
आईटी सेक्टर से विरोध
एसआर पाटिल का विरोध आईटी सेक्टर के कई जानेमाने दिग्गजों ने किया है। इंफोसिस के पू्र्व सीएफओ मोहनदास पई ने ट्विटर पर कहा है, 'आईटी सेक्टर को वैश्विक कंपनियों के साथ काम कर सकने वाले और नौजवान व्यक्ति की जरूरत है।'
बायकॉन की चेयरमैन और एमडी किरण मजूमदार शॉ ने भी पई के ट्विट से सहमति जताते हुए लिखा है कि आईटी व बीटी उद्योग कर्नाटक के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और मुख्यमंत्री इसे गिरता नहीं देख सकते।
उम्र नहीं कोई समस्या
पाटिल ने उम्र को समस्या न बताते हुए कहा कि मुझमें नौजवानों जितना ही उत्साह है और इस कार्य में मैं बहुत बेहतर कर सकता हूं। उन्होंने कहा की उनका पूर्व विभाग इससे कहीं ज्यादा बड़ा था।
एसआर पाटिल के कांग्रेस के कुछ सहकर्मियों के अनुसार वे अपने स्मार्ट फोन को भी ठीक से चला नहीं पाते हैं और अपने ई-मेल का जवाब भी कम ही देते हैं। वे फेसबुक और ट्विटर पर भी नहीं हैं।
पाटिल ने कहा कि मेरे कार्य में तकनीक की पूर्ण जानकारी की उम्मीद नहीं की जाती। मेरा काम है कि मैं बुनियादी सुविधाओं और निवेश पर ध्यान दूं।