पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद इजाज पर आईटी एक्ट की धारा लगाने की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। वहीं, विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल करते हुए कोलकाता में गिरफ्तार इजाज के तीन साथियों का बी वारंट मांगा है। इस मुकदमे की चार्जशीट अब आगामी 20 फरवरी तक दाखिल करने की बात कही गई है।
इस्लामाबाद, पाकिस्तान निवासी मोहम्मद इजाज को पुलिस ने विगत आठ फरवरी को कोर्ट में पेश करते हुए आईटी एक्ट की धारा और न्यायिक रिमांड बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर एसीजेएम ने विवेचना पर सवाल उठाते हुए धाराओं के मुताबिक मजबूत साक्ष्य न होने पर विवेचक को फटकार लगाते हुए दो दिन का समय दिया था।
बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच इजाज को न्यायालय एसीजेएम-तृतीय की कोर्ट में पेश किया गया। विवेचक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इजाज से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन, पैन कार्ड और डाटा कार्ड की सीएफएल रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन सभी गैजेट्स को जासूसी में प्रयोग किया गया।
जिससे सेना और देश की सूचनाएं आईएसआई को भेजी गईं। सीबीआई लैब की फोरेंसिक रिपोर्ट में इजाज के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले हैं। कोर्ट ने इस पर इजाज के खिलाफ आईटी एक्ट लगाने और 14 दिनों का न्यायिक रिमांड बढ़ाने की मंजूरी दे दी।