गंगा को स्वच्छ करने के लिए अब इस्राइल ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। वह जल शोधन व अपशिष्ट जल उपचार पर अपनी विशेषज्ञ जानकारी को भारत के साथ साझा करने को तैयार है।
केंद्र सरकार ने गंगा को स्वच्छ करने के लिए तीन साल की समय सीमा तय की है और इस संबंध में ‘नमामि गंगा’ योजना की शुरुआत की है।
इस्राइल के आर्थिक व व्यापार मिशन के प्रमुख योनातन बेन जाकेन ने कहा, ‘हम केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती और संबंधित सचिव से इस संबंध में कई मुलाकातें कर चुके हैं। हम इस प्रोजेक्ट में अपनी मदद देना चाहते हैं।
हमने अपनी जानकारी, तकनीक को साझा करने का प्रस्ताव दिया है।’ ‘जल सुरक्षा व अपशिष्ट जल प्रबंधन’ पर आधारित सेमीनार में उन्होंने कहा, ‘इस्राइल को अपशिष्ट जल उपचार, जल शोधन और खेती व इंडस्ट्री के लिए फिर से जल उपयोग करने की विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।
हम इस संबंध में बात कर रहे हैं और हमें लगता है कि नदियों से इंडस्ट्री के कचरे को साफ करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।’