इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स ने बच्चों से जुड़ी अश्लील साइट को छोड़ प्रतिबंधित अन्य साइट को खोलने के सरकारी आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया है।
इनका कहना है कि दूरसंचार विभाग पहले उन सभी साइटों की सूची मुहैया कराए, जिन्हें फिर से खोला जाना है।
इंटरनेट सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनियों की दलील है कि उनके पास ऐसा कोई भी तरीका नहीं है कि जिसके आधार पर वह उन सूचियों का पता कर सके कि कौन सी साइट बच्चों से जुड़ी अश्लील साइट है और कौन सी नहीं।
गत 31 जुलाई को सरकार ने अश्लील सामग्री से जुड़ी 857 साइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था।