इस्लामिक स्टेट भारत में हमला कर सकता है। भारतीय खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो ने एलर्ट जारी कर कहा है कि आईएसआईएस देश में कहीं भी हमला करसकता है।
आईबी आईएसआईएस से सहानुभूति रखने वाले (सिम्पेथाइजर्स) के देश में सक्रिय होने के एलर्ट पहले भी जारी करती रही है, हालांकि ये पहली बार है कि उन्होंने भारत में हमले की आशंका जताई है।
आईबी ने सभी राज्यों की पुलिस को इस संबंध में चेतावनी भी भेज दी है। खुफिया एजेंसी ने कहा है कि आईएस देश में तुर्की नागरिकों पर हमला कर सकता है,संगठन देश के हितों को भी निशाना बना सकता।
सभी हवाई अड्डों पर जारी किया एलर्ट
आईबी की ओर से जारी किए गए एलर्ट में कहा कि गया है कि आईएसआईएस दुनिया भर में तुर्की मिशन पर हमले कर सकता है, कई अन्य मुल्कों के हितों को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है, जिसमें भारत भी शामिल है।
एलर्ट में तुर्की मिशन या नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की सिफारिश की गई है। सूत्रों का कहना है कि भारतीय इंटेलीजेंस एजेंसिया ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पश्चिमी देशों की एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही हैं।
हमले की आशंका जताए जाने के बाद सभी हवाई अड्डों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम रहें।
जिहादी समूह में अभी भी है भारतीय युवा
हाल ही में आईबी ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें यह खुलासा किया गया है कि महाराष्ट्र के क्ल्याण के चार लड़को के अलावा सात और भारतीय लड़के आईएस के जिहादी समूह में मौजूद है।
जो इराक और सीरिया के लड़ाई वाले हिस्से में जिहादियों का साथ दे रहे हैं। ये भी बात सामने आई है जिहादियों का साथ दे रहे पांच अन्य भारतीय भी मारे गए हैं।
इंटेलीजेंस के सूत्रों के अनुसार कल्याण से गए 4 युवकों में से अरीब मजीद को एनआईए ने भारत लौटने पर गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन 5 भारतीय युवा अभी भी जिहादियों की तरफ से लड़ रहे हैं।
सिम्पेथाइजर्स की रिपोर्ट की गई साझा
भारतीय एजेंसियां युवाओं को बहलाने वाले समूहों के प्रभाव को लेकर काफी चिंतित है और वो उस पर काम भी कर रहा है। लेकिन अभी तक एजेंसियों को उस समूह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
इन हमलों की आशंका को लेकर सूत्रों का कहना है कि संभव है कि आईएस के जिहादी देश में हमले को अंजाम देने के लिए देश के भईतर के ही संसाधनों का प्रयोग कर सकते हैं या फिर वे देश में घुस कर ऐसे हमले को अंजाम दे सकते हैं।
इंटेलीजेंस एजेंसियां उन लोगों की गतिविधियों पर खास नजर बना कर चल रही है,जिन पर उन्हें यह शक है कि वे आईएसआईएस से सहानुभूति रखते हैं।
कुछ महीने पहले इंटेलीजेंस एजेंसी ने कुछ ऐसे लोगों को पकड़ा था जो आईएसआईएस से नजदीकी बना कर चल रहे थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो से मिले इनपुट और राज्यों की इंटेलीजेंस रिपोर्ट्स के आधार पर उन लोगों कि रिपोर्ट गृह मंत्रालय से साझा की गई है जिनके संबंध आईएसआईएस के लड़ाकों से हो सकते हैं।