पाकिस्तान से भारत आकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय बनना और फिर यहां शादी कर घर बसाना। यह सब आईएसआई की सोची-समझी साजिश है।
विशेष रणनीति के तहत आईएसआई अपने चालाक जासूस को भारत भेजता और फिर उसे भारत में ही बसाकर यहां की सुरक्षा से जुड़ी तमाम जानकारियां जुटाता रहता है। इजाज से पहले कानपुर में पकड़ा गया पाक जासूस भी इसी तरीके से काम कर रहा था।
मोहम्मद इजाज की कहानी लाहौर निवासी पाक जासूस वकास अहमद की कहानी जैसी ही है। वकास भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच देखने के बहाने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर 16 अप्रैल 2005 को वाघा बार्डर से भारत आया था, लेकिन वह वापस ही नहीं गया।
भारत में रहते हुए उसकी मुलाकात वर्ष 2006 में कानपुर कल्याणपुर निवासी सितारा बेगम से एक शादी कार्यक्रम में हुई। वकास अपने किसी जानने वाले की शादी में शिरकत करने पहुंचा था। वहां वकास ने सितारा बेगम से बातों-बातों में संबंध बना लिया और फिर उससे संपर्क में बना रहा। उसने सितारा बेगम की कई बार आर्थिक तौर पर मदद भी की।