इशरत जहां मुठभेड़ मामले में सीबीआई के हलफनामे पर भाजपा फिर से कांग्रेस पर बरस पड़ी है। पार्टी ने कहा कि यह हलफनामा सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने और आतंकियों का उत्साह बढ़ाने वाला है।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को इस बात का जवाब देना चाहिए कि आखिरकार इशरत दस दिनों तक लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों के साथ क्या कर रही थी।
भाजपा अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। पार्टी जनता को बताएगी कि किस तरह इस हलफनामे में लश्कर-ए-ताइबा का जिक्र नहीं किया गया है, जबकि 2007 के हलफनामे में सीबीआई ने माना था कि मुठभेड़ में मारे गये दो आतंकी लश्कर-ए-ताइबा से मिले थे।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आतंकियों के नाम पर भी वोट बैंक की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआई के हलफनामे में गुजरात के पुलिस अफसरों के साथ ही आईबी के अफसरों को आरोपी बनाया गया है।
आईबी केंद्र सरकार के तहत है और जाहिर है कि इस सूचना को आईबी ने प्रधानमंत्री से भी साझा किया होगा। इसलिए कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि आईबी ने इस कांड पर पीएमओ को क्या सूचना दी थी।
उन्होंने कहा कि सीबीआई अपनी ही बात से पलटती रही है। यह भी देखना होगा कि इस हलफनामे पर वह कब तक टिकी रहती है।