इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच कर रही सीबीआई ने फरार आईपीएस अधिकारी पीपी पांडे को भगोड़ा घोषित कराने के लिए विशेष कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
जांच एजेंसी ने मंगलवार को विशेष सीबीआई कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने याचिका पेश की और कोर्ट से पांडे को सीआरपीसी की धारा 82 के तहत भगोड़ा घोषित करने की मांग की है। कोर्ट इस पर बृहस्पतिवार को अपना आदेश सुना सकती है।
यदि पांडे को भगोड़ा घोषित कर दिया जाता है तो जांच एजेंसी उनकी संपत्ति को जब्त कर सकती है। विशेष सीबीआई कोर्ट ने जांच एजेंसी के समन का जवाब नहीं देने पर गुजरात पुलिस के एडिशनल डीजीपी (क्राइम) पांडे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
पांडे ने एफआईआर को रद्द कराने और अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट से राहत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
1982 बैच के आईपीएस अधिकारी पृथ्वीपाल पी पांडे को इशरत जहां और तीन अन्य की फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी बनाया गया है। 15 जून 2004 को हुई मुठभेड़ के वक्त पांडे अहमदाबाद के संयुक्त पुलिस कमिश्नर थे।