भारत विश्व में हलाल मीट बेचने वाला सबसे बड़ा देश है। विश्व स्तर पर पर हलाल खाद्य पदार्थों और इस्लामिक जीवनशैली वाले उत्पादों का बाजार करीब 1.62 खरब डॉलर का माना जा रहा है।
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दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश भारत में इन उत्पादों का बाजार अब बड़ा हो रहा है।
भारत में हलाल सर्टिफिकेट्स देने वाली संस्था हलाल इंडिया के हेड ऑडिटर तफ्सीर अंसारी कहते हैं, "भारत में करीब 600 से अधिक हलाल सर्टिफिकेट दिए गए हैं, जिनमें 300 के करीब सिर्फ गुजरात की हैं"।
वो बताते हैं, "हमने भारत में लगभग 150 रेस्त्रां और सात अस्पतालों को भी हलाल सर्टिफिकेट दिया है। इन अस्पतालों में महिला मरीजों की जांच महिला डॉक्टर ही करती हैं''।
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300 हलाल सर्टिफाइड कंपनियां सिर्फ गुजरात में
आप का शैम्पू 'हलाल' है? क्या आपकी लिपिस्टिक और नेल पॉलिश जैसे सौंदर्य उत्पादों में अल्कोहल है?
आजकल अहमदाबाद में दो बहनें सभी से यही सवाल पूछ रही हैं।
मौली और गिरिश्मा तेली ने पिछले महीने भारत में पहले 'हलाल' सौंदर्य उत्पादों का ब्रैंड 'इबा' लॉन्च किया। ये उत्पाद उनकी अपनी फैक्ट्री में बनते हैं।
भारत में उत्पादों को हलाल होने सर्टिफिकेट भी दिया जाता है और देश में 300 हलाल सर्टिफाइड कंपनियां सिर्फ गुजरात में हैं।
दुनिया भर में मशहूर 'हलाल' सर्टिफिकेट वाले उत्पाद भारत में भी लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन ये हलाल उत्पाद हैं क्या?
डेढ़ वर्ष में मिली सफलता
300 हलाल सर्टिफाइड कंपनियां सिर्फ गुजरात में आप का शैम्पू 'हलाल' है? क्या आपकी लिपिस्टिक और नेल पॉलिश जैसे सौंदर्य उत्पादों में अल्कोहल है?
आजकल अहमदाबाद में दो बहनें सभी से यही सवाल पूछ रही हैं। मौली और गिरिश्मा तेली ने पिछले महीने भारत में पहले 'हलाल' सौंदर्य उत्पादों का ब्रैंड 'इबा' लॉन्च किया। ये उत्पाद उनकी अपनी फैक्ट्री में बनते हैं।
भारत में उत्पादों को हलाल होने सर्टिफिकेट भी दिया जाता है और देश में 300 हलाल सर्टिफाइड कंपनियां सिर्फ गुजरात में हैं।
दुनिया भर में मशहूर 'हलाल' सर्टिफिकेट वाले उत्पाद भारत में भी लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन ये हलाल उत्पाद हैं क्या?
परफ्यूम और नेल पॉलिश
पुराने शहर और मॉल को छोड़कर अहमदाबाद में चंद ही जगहें हैं, जहां हिन्दू और मुसलमान साथ में खरीदारी करते हैं।
मौली का कहना है, "मुझे खुशी है कि हमारी दोनों दुकानों में सभी धर्म के लोग आते हैं, जो अहमदाबाद में कम ही होता है। आज बाजार में मिलने वाले ज्यादातर कॉस्मेटिक उत्पादों का पशुओं पर परीक्षण किया जाता है और यह पूरी तरह शाकाहारी नहीं होते।
इसी वजह से हिन्दू, जैन और मुसलमान सभी हमारे उत्पादों को सराहा रहे हैं"। वो कहती हैं, "ज्यादातर लोग हलाल का मतलब मीट या नॉनवेज समझते हैं। हम यह सोच दूर करना चाहते हैं"।
मौली बताती हैं, "अपने उत्पाद का परीक्षण हम खुद पर ही करते हैं। परफ्यूम में अल्कोहल की जगह पानी है, लिपस्टिक्स में सुअर की चर्बी की जगह कोको बटर है और नेल पॉलिश वजू फ्रेंड्ली है और किसी भी प्रोडक्ट में एनिमल प्रोडक्ट्स नहीं हैं"।