म्यांमार में घुसकर उग्रवादियों का मार गिराने के बाद केंदीय राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के '56 इंच का सीना' वाले मशहूर जुमले की याद दिला दी। ट्विटर पर उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों को करारा जवाब दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस हमले में सेना ने उग्रवादियों को म्यांमार सरकार की सहायता से मार गिराया। ऑपरेशन में एक भी सैनिक हताहत नहीं हुआ। इस हमले के जरिए मोदी सरकार ने पाकिस्तान को भी चेतावनी दे डाली है।
पढ़िए राज्यवर्धन सिंह राठौर का ट्वीट-
Indian Army strikes into the heart of militants.देश के दुश्मनों को करारा जवाब. कुशल नेतृत्व ,मज़बूत सरकार PM @narendramodi #56inchRocks— Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe) June 9, 2015
सरकार पर बढ़ेगा दबाव
भारत के इस सनसनीखेज और सफल ऑपरेशन ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को डरा दिया है। पाक का खास डर उसकी पश्चिमी सीमा को लेकर है जहां वो सामरिक या गैर-रणनीतिक परमाणु हथियार विकसित करने में विफल रहा है।
म्यांमार में मिली सफलता के बाद भारत इस अंदाज के आगे ले जाना चाहेगा अथवा नहीं यह तो वक्त बताएगा लेकिन मुंबई जैसा हमला फिर से भारत के किसी भी कोने में हुआ तो यह सरकार पर पलट कर जवाब करने का दवाब अवश्य बना देगा।
भारत की धीमी प्रतिक्रिया की आड़ में पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में भारतीय सैनिकों को आने से और उन्हें डराने की मंशा से छोटे और कम प्रभाव वाले सामरिक हथियार जुटा रहा था।
मुंबई हमलों के बाद से पाकिस्तान इकट्ठा कर रहा हथियार
भारतीय सेना पाकिस्तान के कदमों पर अपनी धीमी प्रतिक्रिया कभी सार्वजनिक रुप से स्वीकार नहीं की लेकिन इस बात की परिकल्पना की गई कि यदि सेना चाहे तो कुछ घंटों में पाकिस्तान की जमीन पर मौजूद आतंकवादियों और उनके ठिकानों को नेस्तनाबूत कर सकती है।
यदि पाकिस्तान के साथ ऐसा कुछ होता जो म्यांमार में हुआ तो वह इसे अपनी संप्रभुता पर हमले के तौर पर देखेगा। मुंबई हमले के बाद से ही पाकिस्तान ने तेजी से गैर सामरिक हथियारों को इक्ट्ठा करना शुरु कर दिया था।
अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञ हैन्स एम क्रिन्सेटन की 2012 में आई रिपोर्ट के मुताबिक पांच मुव्कों के पास सामरिक परमाणु या तो था अथवा उसे बना रहे थे। इन पांच मुल्को में चीन, फ्रांस, रुस और अमेरिका के साथ-साथ पाकिस्तान भी शामिल था।
उग्रवादियों पर लगी लगाम
हालांकि भारतीय सेना ने कहा है कि यह हमला उग्रवादियों के प्रति कोई
प्रतिकार नहीं था लेकिन उन लोगों पर लगाम अवश्य लगी है जो आगे किसी हमले की
रणनीति तैयार कर रहे थे।
अगर पाकिस्तान के संदर्भ में इस हमले को देखे तो यह बहुत ही गंभीर दिखता है क्योंकि पाकिस्तान खुद में एक परमाणु संपन्न राष्ट्र है ऐसे किसी भी अप्रत्याशित हमले के बाद वो चुप नहीं बैठेगा।