नेता जी सुभाष चंद्र बोस के निधन और जीवित रहने की खबरों के बीच एक फोटो सामने आई है। ये तस्वीर उस वक्त की है जब तात्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ताशकंद गए थे।
इस पर शोध कर रहे एक ब्रिटिश एक्सपर्ट ने उस तस्वीर की फेस मैपिंग के जरिए उस तस्वीर और नेता जी की असल तस्वीर के बीच समानता जाहिर की है।
ये तस्वीर 1966 की है जब तात्कालीन पीएम शास्त्री ताशकंद गए हुए थे। इस फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर शोध करने वाली टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे अपनी अगली मास्को यात्रा के दौरान इस फोटो की सच्चाई का खुलासा करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करें।
तो ये बात अफवाह होगी साबित
शोध करने वालों के अनुसार अगर ये तस्वीर नेता जी की है तो दो मुद्दों में से कोई एक अफवाह साबित होगी। पहली तो यह कि उनकी मौत 1945 में प्लेन क्रैश हो जाने के दौरान हो गई थी और दूसरी यह की उन्हें 1950 में जोसेफ स्टालिन ने मार दिया था।
अंग्रेजी अखबार टाईम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ब्रिटेन हाईकोर्ट औऱ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में नील मिलर ने इस तस्वीर के संबंध में अपना एक्सपर्ट ओपनियन रखा है। उनके मुताबिक जिस व्यक्ति की फेस मैपिंग की गई है उसमें नेता जी सुभाष चंद्र बोस और वो आदमी दोनों एक ही हैं।
फेस मैपिंग करने के लिए शोध करने वालों की टीम भारतीय मूल के सिद्धार्थ सतभाई ने गठित की है। 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ने पहले भी 1969 में वियतनाम शांति वार्ता के दौरान पेरिस में खींची गई तस्वीर को भी सार्वजनिक कर चुके हैं जिसमें एक दाढ़ी वाले व्यक्ति का चेहरा नेता जी से मिल रहा था।
एक महीने तक किया अध्ययन
सतभाई ने कई सूत्रों के हवाले से तस्वीरें और वीडियो साक्ष्य इकट्ठा किए थे। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो साक्ष्य के आधार पर उन्होंने मिलर की मदद से फेस मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। मिलर ने इन तस्वीरों और वीडियो का एक महीने तक अध्ययन किया और बीते माह उन्होंने 62 पृष्ठ की अपनी रिपोर्ट पेश की है।
मिलर के अनुसार प्रधानमंत्री शास्त्री के साथ जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है, उसका चेहरा, कान, नाक, होंठ दाढ़ी और माथे में काफी समानताएं हैं। मिलर ने यह भी बताया है कि व्यक्ति के बाल में अंतर फोटो की क्वालिटी और तस्वीर खींचने की स्थिति और कोण के कारण भी हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार ताशकंद में खींची गई तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति और नेता जी के चेहरे में अधिक समानता है और दोनों के एक ही व्यक्ति होने की संभावना ज्यादा है। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र भी है कि यदि तस्वीरों और वीडियो की क्वालिटी और भी बेहतर होती तो इस बात को और भी अधिक यकीन के साथ कहा जा सकता था कि पीएम शास्त्री के साथ दिख रहा आदमी, नेता जी ही हैं।
शास्त्री के परिवार ने भी किया था दावा
बताते चले कि तात्कालीन प्रधानमंत्री शास्त्री के परिवार ने पहले भी ताशकंद की यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात नेता जी से हो सकने का दावा किया था। इसी यात्रा के दौरान शास्त्री का निधन 11 जनवरी 1966 को हो गया था।
उनके निधन के बारे में बताया गया था कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। शास्त्री के पोते संजय नाथ सिंह जो उस वक्त 9 साल के थे।
उन्होंने बताया था कि मृत घोषित किए जाने से पहले एक घंटे पहले ही लाल बहादुर शास्त्री ने किसी से बात की थी। जिसके बाद उन्होंने कहा था कि वे भारत आकर एक ऐसी बात का खुलासा करेंगे जिससे विपक्षी बाकी सब भूल जाएंगे।