गाय और भैंस के दूध के बाद बाजारों में अब जल्द ही कॉक्रोच का दूध आ सकता है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया है कि कॉक्रोच का दूध इंसानों के लिए सेहत की गारंटी होगा। कॉकरोच का दूध दरअसल वह तरल पदार्थ है जिसे वह अपने बच्चों के पिलाता है।
इंस्टिट्यूट फॉर स्टेम सेल बायोलॉजी एंड रिजेनरेटिव मेडिसिन में किए गए शोध में पाया गया कि कॉक्रोच का दूध में बड़ी मात्रा में ऊर्जा का श्रोत है। इंसानों के लिए भी इस ऊर्जा का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों के रूप में किया जा सकेगा।
पेसिफिक बीटल प्रजाति का कॉक्रोच अपने बच्चों को सेवन कराने के लिए दूध के तौर पर जिस तरल पदार्थ का सेवन कराता है उसमें बड़ी मात्रा में प्रोटीन, फैट और शुगर पाए जाते हैं।