आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के कारण भले ही बीसीसीआई को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हों लेकिन केंद्र सरकार ने जब तक बहुत जरूरी नहीं हो तब तक हस्तक्षेप करने से इनकार किया है।
कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि क्रिकेट की इस संस्था को पारदर्शी होना चाहिए। बोर्ड की भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उसकी उद्देश्य परक प्रणाली होनी चाहिए।
'सरकार नहीं चला सकती है खेलों को'
सिब्बल ने बताया कि सरकार को जितना संभव हो खेलों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे खेलों को नुकसान होगा। सरकार खेलों को नहीं चला सकती है। सरकार खेल गतिविधियों में शामिल होती है तो इससे खेलों को नुकसान होगा।
‘निर्धारित समय सीमा के अंदर ही स्वतंत्र और उचित जांच कराई जाएगी। बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधक और सुरक्षा इकाई स्पॉट फिक्सिंग मामलों को देख रही है और वह 15 दिन के भीतर अनुशासन समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बीसीसीआई दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।’- अरुण जेटली, बीसीसीआई उपाध्यक्ष
‘आईपीएल स्कैंडल मामले में बीसीसीआई अध्यक्ष को हटाए जाने के मसले पर यूपीए, एनडीए क्यों चुप है। जो लोग किसी भी राजनीतिक मसले पर संसद में अपनी आवाज उठाते रहे हैं, वे आज आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग मामले में पब्लिक में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। इसका मतलब यह हुआ कि इस मामले में सही कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।’- कीर्ति आजाद, भाजपा सांसद
‘आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग भ्रष्टाचार का मसला है और पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह अच्छा है कि फिक्सिंग और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए सरकार कानून ला रही है।’- राजीव प्रताप रूडी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव