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कालेधन वालों की जांच, सपा के कई कद्दावर नेता

Sat, 08 Nov 2014 07:14 PM IST
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मुरादाबाद
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विदेशी बैंकों में काले धन की सुर्खियों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने यहां के 440 लोगों की जांच तेज करा दी है। ये सभी वे लोग हैं जिन्होंने कुछ दिनों में ही अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है। इनमें बसपा सरकार के मंत्री, सरकारी विभागों के इंजीनियर और तमाम बड़े अधिकारी हैं। जांच के घेरे में आए कुछ अधिकारी तो ऐसे हैं जिनकी संपत्ति प्रदेश के कई महानगरों के साथ ही सूबे से बाहर तक है। इसके अलावा सपा के 10 कद्दावर नेताओं की भी इंटेलीजेंस शुरू करा दी गई है।
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प्रदेश सरकार की विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) यूं तो दागी अफसरों की जांच करती रहती है। लेकिन विदेशी बैंकों में काले धन का मामला गर्माने के बाद प्रदेश सरकार ने भी विभागीय अफसरों के साथ गोपनीय बैठक कर तफ्तीश का दायरा बढ़ाने की हिदायत दी है।

विजिलेंस के एडीजी महेंद्र मोदी ने बताया कि मौजूदा समय में 440 मामलों की जांच की जा रही है।
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सपा के दस कद्दावर नेता भी घेरे में

सरकार ने जांच के लिए जो सूची सौंपी है उसमें सरकारी विभागों के इंजीनियर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, परिवहन विभाग के अफसर, पीडब्लूडी, समाज कल्याण, रजिस्ट्री विभाग, तहसीलों समेत कई महकमों के अधिकारियों के साथ ही कई पीसीएस आफिसर भी हैं। इनमें बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा, रंगनाथ समेत तीन पूर्व मंत्रियों पर कार्रवाई हो भी चुकी है। कुछ पूर्व मंत्रियों की भी जांच अंतिम चरण में है।    

सपा के दस बड़े नेताओं की संपत्ति की भी जांच कराई जा रही है। पूर्वांचल से जुड़े इन नेताओं के बारे में प्रदेश सरकार ने खुफिया जानकारी मांगी हैं। हालांकि अभी तक विधिवत जांच को तो नहीं कहा है लेकिन इंटेलीजेंस शुरू करा दी गई है। यह सब भी चंद दिनों में करोड़पति बन गए हैं।

यह है जांच की प्रक्रिया
सरकार के पास चंद दिनों में अमीर होते अफसर और नेताओं की शिकायत पहुंचती है जिसकी गोपनीय जांच विजिलेंस को दे दी जाती है। पहले अपने जासूसों के जरिए विभाग शिकायत की सच्चाई परखता है और फिर सरकार की अनुमति लेकर जांच शुरू कर देती है। जांच के बाद आरोप तय कर चार्जशीट दाखिल की जाती है।
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