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ISI पर बयान देकर 'बचकाने' राहुल मुश्किल में फंसे

Fri, 25 Oct 2013 11:44 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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इंदौर की चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें 'खुफिया विभाग के अधिकारियों' ने बताया है कि पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर दंगों के पीड़ित परिवारों से संपर्क में हैं। यह बयान उनके गले की फांस बन सकता है।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस बयान से रिटायर्ड और सेवा में बने हुए नौकरशाहों का दिमाग चकरा गया है। वे सवाल कर रहे हैं कि खुफिया विभाग के अधिकारी एक सियासी दल के उपाध्यक्ष को कैसे ब्रीफ कर सकते हैं, जिसने गोपनीयता की शपथ भी नहीं उठाई है।

उन्होंने इस जानकारी को सार्वजनिक करने को लेकर भी राहुल गांधी की आलोचना की। उनका मानना है कि इस सिलसिले में गोपनीय और खुफिया अभियान छेड़कर उन नौजवानों को पहचाना जाना चाहिए था। साथ ही आईएसआई के उन एजेंट को पकड़ना चाहिए, ताकि वे ऐसी कोई हरकत न कर सकें।
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'राहुल से समझदारी की उम्मीद है'
आईबी के पूर्व प्रमुख अजीत कुमार डोभाल ने कहा, "देश के संभावित पीएम को राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर समझदारी दिखानी चाहिए। आईएसआई एक विदेशी एजेंसी है, जो देश को नुकसान पहुंचाने के लिए ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ बढ़ा रही है।"

उन्होंने कहा, "राहुल की प्रतिक्रिया ज्यादा सधी और निर्णायक होनी चाहिए थी। उन्हें खुफिया विभाग के अधिकारियों को उन नौजवानों के पास जाने के लिए कहना चाहिए था, जिनसे आईएसआई ने संपर्क साधा है। इन पाकिस्तानी एजेंट के लिए जाल बिछाकर इन्हें खत्म किया जना चाहिए।"

पूर्व गृह सचिव ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर इस बात से सहमति जताई कि राहुल का इस बारे में सार्वजनिक बयान देने से राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हुआ है। यह कुछ और नहीं, उनकी अपरिपक्वता दिखाता है।

क्यों दी राहुल को जानकारी?
खुफिया विभाग में कार्यरत एक अधिकारी ने बताया कि जिस आईबी अधिकारी ने राहुल को यह जानकारी दी, गलती उसकी भी है, क्योंकि वह केवल सरकारी अधिकारियों तक यह जानकारी पहुंचा सकता था।

इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी राहुल पर हमला बोला है। इस सिलसिले में चुनाव आयोग से शिकायत करने की तैयारी कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "यह बेहद गैरजिम्मेदाराना बयान है।"

समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर भाजपा और राहुल गांधी, दोनों पर निशाना साधा है। आजम खां ने कहा, "इस बारे में भाजपा शिकायत करने के बारे में क्यों बात कर रही है, क्योंकि वह तो देश के संविधान में यकीन ही नहीं रखती। और जहां तक बात राहुल गांधी की है, तो उनका बयान बेहद बचकाना है।"
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