बांदा की जिला जेल में निरुद्ध बंदियों से जेल अधिकारियों द्वारा अमानवीय बर्ताव करने का आरोप है। जेल की दशा पर सीजेएम बांदा की रिपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने जिला जज बांदा को निर्देश दिया है कि वह जेल का निरीक्षण कर चार सप्ताह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को दें। जेल अधीक्षक को भी निर्देश दिया है कि वह जिला जज को निरीक्षण में सहयोग प्रदान करें।
पीयूसीएल की ओर से दाखिल याचिका में सीजेएम बांदा की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल में रह रहे बंदियों का उत्पीड़न हो रहा है।
उनसे दुर्व्यवहार होता है और बंदियों के मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है। एक कैदी को आपसी झगड़े के बाद तन्हाई में रख दिया गया। इसके बाद उसे सामान्य बैरक में नहीं लाया जा रहा है।