केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से होने वाले सीजफायर उल्लंघन और घुसपैठ की सूचना सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। सीआईसी के अनुसार ऐसा हुआ तो इसका असर अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों पर पड़ने की आशंका है।
एक आरटीआई को लेकर ट्रांसपेरेंसी पैनल ने सेना के केंद्रीय जनसंपर्क अधिकारी के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि सूचना उजागर करने से देश के रणनीतिक और सुरक्षा हितों पर विपरीत असर पड़ेगा। आयोग ने हालांकि आरटीआई आवेदक को सेना से संबंधित सूचना वाले दस्तावेज देखने की अनुमति दे दी है, लेकिन निर्देश दिया कि आवेदक को सूचनाओं की कॉपी मुहैया नहीं कराई जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2011 में आरटीआई के तहत आवेदनकर्ता ने सेना से जम्मू-कश्मीर में भारत-पाक सीमा और नियंत्रण रेखा से घुसपैठ, घुसपैठ की कोशिश, सीजफायर उल्लंघन से संबंधित सूचना मांगी थी। मगर सेना के जनसंपर्क अधिकारी ने सुरक्षा कारणों के चलते आवेदनकर्ता को उक्त जानकारी देने से इनकार कर दिया था।
जनसंपर्क अधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकरण द्वारा सूचना देने से इनकार के बाद आवेदनकर्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर आयोग ने अपना रुख स्पष्ट किया है।