दो भारतीय सैनिकों के सिर काटने की करतूत के बाद भारत-पकिस्तान शांति वार्ता को तगड़ा झटका लग सकता है। सामरिक और कूटनीतिक विशेषज्ञों की राय है कि भारत के उदार रवैये के चलते ही पाकिस्तान ऐसा करने का दुस्साहस कर पा रहा है। साथ ही पाक क्रिकेट टीम के भारत दौरे के बाद जिस तरह से दोनों देशों के बीच दोस्ती का माहौल बना था, वह फिर से खराब हो गया है। इसे जल्द पटरी पर लाना अब इतना आसान नहीं होगा।
दो सैनिकों की बर्बरतापूर्ण हत्या को मुंबई आतंकी हमले के बाद सबसे तनावपूर्ण घटना के तौर पर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद सेना के मनोबल को बनाए रखने के लिए सरकार को राजनयिक और कूटनीतिक तरीके से पाकिस्तान के सामने कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा।
रक्षा विशेषज्ञ भरत वर्मा कहते हैं कि पाक की यह करतूत सोची समझी साजिश का हिस्सा है। जिस तरह से पड़ोसी मुल्क राजनयिक तौर पर नाकाम साबित हो रहा है, उसे लग रहा है कि उसके हाथ से कश्मीर का मुद्दा निकल रहा है। इसलिए वह किसी न किसी बहाने इस मुद्दे को जीवित रखने की कोशिश में है। साथ ही पाकिस्तान भारत के लचीले रवैये का फायदा भी उठा रहा है।
वर्मा का मानना है कि भारत को अपनी सामरिक और कूटनीतिक रणनीति में बदलाव करना होगा, ताकि पाकिस्तान की यह चाल कामयाब न हो पाए। पूर्व राजनयिक जी पार्थसारथी भी इस घटना के लिए सरकार की कमजोर कूटनीति को ही वजह मानते हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान भारत की उदारता का फायदा उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चूक यह है कि 26/11 की घटना के बाद पड़ोसी मुल्क के साथ बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार हो जाना। मुंबई आतंकी हमले के बाद जिस तरह से हम पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार हुए, वह सबसे बड़ी गलती थी। हमें पाकिस्तान को दिखाना होगा कि बातचीत को जारी रखना हमारी कमजोरी नहीं है।
एक अन्य पूर्व राजनयिक केसी सिंह ने भी कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने और द्विपक्षीय वार्ता में तीसरे पक्ष को शामिल करने की कोशिश कर रहा है। इस घटना के पीछे उसकी यही चाल है। भारत को चाहिए कि वह पाकिस्तान की इस चाल को समझकर अपने बेहद कड़े रुख को जारी रखे।
वार्ता पर पड़ेगा असर: खुर्शीद
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि भारतीय सैनिकों के साथ हुए बर्बर सलूक और युद्ध विराम के उल्लंघन की घटना भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता पर असर डाल सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना के बाद अगर पाकिस्तान ईमानदारी से इसकी जांच कर भविष्य में इसे न दोहराने के लिए कदम नहीं उठाता तो माहौल पर तो असर पड़ेगा ही।
खुर्शीद ने कहा कि वे इस बात से इनकार नहीं कर रहे कि युद्ध विराम का उल्लंघन कर भारतीय सैनिकों के सिर काटने की पाकिस्तान की नापाक हरकत से दोनों देशों के बीच जारी वार्ता प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।