दो दिन से नेपाल सीमा पर चल रहे बवाल के बाद रविवार सुबह से आवश्यक सामान वाली गाड़ियां नेपाल जाने लगीं। हालांकि सीमा पर तनाव में कोई कमी नहीं आई है। नेपाल के भैरहवां तक हालात ठीक हैं पर इसके बाद की स्थिति तनावपूर्ण है और फंसे हुए पर्यटक दहशत में हैं। उधर, नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई ने कहा है कि स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।
नेपाल के माओवादियों का एक गुट (सीपीएन-एम) भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। भारतीय गाड़ियों और फिल्मों पर पिछले दिनों रोक की घोषणा की गई। इसके बाद नेपाल जाने वाली भारतीय गाड़ियों पर हमले शुरू हो गए। इस कारण शुक्रवार और शनिवार को सोनौली सीमा से भारतीय गाड़ियों का नेपाल में प्रवेश बंद हो गया।
बाद में माओवादियों ने जरूरी सामानों वाली गाड़ियों को नेपाल में प्रवेश की इजाजत दे दी। रविवार सुबह सोनौली-बेलहिया मार्ग मार्ग से कुछ गाड़ियों ने प्रवेश किया। नेपाली सरकार ने सभी भारतीय गाड़ियों के सुरक्षा की बात कही है। लेकिन कभी प्रचंड के साथ रहीं और अब दूसरे गुट मोहन वैद्य की करीबी वरिष्ठ माओवादी नेता पंपा भुसाल ने कहा है कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं के अलावा किसी अन्य भारतीय वाहनों को घुसने नहीं दिया जाएगा।
जाहिर है ऐसे हालात में वे पर्यटक दहशत में हैं, जो कई दिनों से नेपाल में फंसे हैं। बेलहिया में गाड़ियां कस्टम परिसर में ही रोक ली जा रही हैं। यहां के इंस्पेक्टर का कहना है कि नेपाल जाने की मनाही नहीं है लेकिन बुटवल के पास तैनात सुरक्षाकर्मी अपने जोखिम पर यात्रा की बात कह रहे हैं।
सख्ती से निपटेगी नेपाल सरकार
नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने वैद्य गुट के भारत विरोधी कदम की निंदा की है। उन्होंने कहा कि नेपाल का भारत से वर्षों पुराना रिश्ता रहा है। ऐसे निर्णय दोनों देशों में कटुता लाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोहन वैद्य गुट को चाहिए कि अपने रवैये को बदलकर वह किसी भी भारत विरोधी कार्य से बचे। उन्होंने कहा कि यदि गुट का रवैया नहीं बदलता है तो जनता की इच्छाओं और आकांक्षाओं के मद्देनजर नेपाली सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाएगी।
प्रधानमंत्री भट्टराई के प्रेस सलाहकार राम रिझन यादव ने यह जानकारी दी। उधर, एकीकृत माओवादी के अध्यक्ष प्रचंड ने कहा है कि पड़ोसी देश के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने वैद्य गुट से इस निर्णय को वापस लेने का आग्रह करने की बात कही है।
जनतांत्रिक मधेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष मुकेश चौधरी ने कहा कि भारत से हमारे करीबी संबंध हैं। मोहन वैद्य गुट की यह धमकी बर्दाश्त नहीं है। वहीं एकीकृत नेकपा (माओवादी) के भारतीय संगठन मधेशी राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (नेपाल क्रांतिकारी) के अध्यक्ष राम कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर वैद्य गुट की जनविरोधी घोषणा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।