इंदिरा आवास योजना (आईएवाई) को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने सहायता राशि बढ़ाने के साथ-साथ दो नई शर्तें भी लगाई हैं।
इसके तहत अब राशि को दो साल की समय सीमा के भीतर उपयोग करना होगा। साथ ही मकान में शौचालय का निर्माण भी जरूरी होगा।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने बताया कि केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन के मामले में दक्षिणी राज्यों का प्रदर्शन बेहतर है।
जबकि उत्तर और पूर्वी राज्यों में इन योजनाओं का क्रियान्वयन कछुआ चाल की तरह ही होता है। इसके चलते लाभार्थी को योजनाओं का समय से फायदा नहीं मिल पाता।
इसी कारण केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में आईएवाई में कुछ अहम शर्तें शामिल की हैं। जिन पर अमल करना अनिवार्य होगा। शर्तों का पालन न करने पर सहायता राशि की अगली किश्त को रोका जा सकता है।
जयराम के मुताबिक आईएवाई के तहत लाभार्थी को अधिकतम दो वर्ष की समय सीमा में मकान का निर्माण कराना अनिवार्य होगा।
अभी तक मकान निर्माण में देरी की वजह सहायता राशि कम होना बताया जा रहा था। इसी कारण केंद्र ने आईआईटी रुड़की से स्टडी कराकर आईएवाई की सहायता राशि को 66 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है।
साथ ही राज्य सरकार चाहे, तो वह भी वित्तीय सहायता दे सकती है। उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अन्य कई राज्यों में आईएवाई की सहायता राशि जारी होने के बावजूद मकान का निर्माण कागजों तक ही सीमित है।
इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने आईएवाई में नई शर्तो को जोड़ा है। लाभार्थी को केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि का तीन किश्तों में भुगतान किया जाएगा।