पाकिस्तान की एक बच्ची और उसकी मां के लिए कुछ भारतीयों ने मसीहा की भूमिका अदा की। कुछ भारतीयों ने मिलकर 15 साल की कराची में रहने वाली सबा तारीक अहमद के इलाज के लिए करीब 13 लाख रुपए तक जमा किए।
इस बच्ची को विल्सन्स नाम की एक घातक बीमारी है, जिसके इलाज के लिए ये मां-बेटी पिछले 49 दिनों से भारत में थे। इस बीमारी में व्यक्ति के शरीर में कॉपर की मात्रा जानलेवा स्तर तक बढ़ जाती है।
सबा का इलाज मुंबई के जसलोक अस्पताल में हो रहा था। अस्पताल के सीईओ डॉ. तपन गेनचंदानी ने कहा कि सबा और उसकी मां नाजिया ने सोमवार दोपहर के बाद कराची के लिए फ्लाइट ली है।