विदेशी जमीं पर एक और भारतीय ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कोलकाता मैं पैदा हुए 18 वर्षीय रितांकर दास ने ऐसा कारनामा किया कि अमेरिका का शिक्षा जगत उनकी तरफ अचरज भरी निगाहों से देख रहा है।
वह कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी टॉप करने वाले अब तक के सबसे युवा छात्र बन गए हैं। 100 से अधिक सालों के इतिहास में कोई भी छात्र इतनी कम उम्र में विश्वविद्यालय का टॉपर नहीं बना।
रितांकर को यूनिवर्सिटी मेडलिस्ट के सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान साल के टॉप ग्रेजुएट सीनियर को दिया जाता है। रितांकर ने महज तीन साल में ही अपनी पढ़ाई पूरी कर ली।
इस दौरान उन्हें बायो इंजीनियरिंग और कैमिकल बायोलॉजी में डबल मेजर मिला, जबकि रचनात्मक लेखन में माइनर मिला।
इससे पहले वह कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री के 58 साल के और बायो-इंजीनियरिंग के अब तक के इतिहास के ऐसे पहले छात्र बने, जिसने 2,500 डॉलर की छात्रवृत्ति प्राप्त की।
कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री में प्रोफेसर और अंडरग्रेजुएट डीन मार्सिन मजदा के मुताबिक, "अपने 30 साल के करियर में मैंने एक भी ऐसा छात्र नहीं देखा जो विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में रितांकर के बराबर हो।’
इस कम उम्र में ही रितांकर ‘सी योर फ्यूचर’ नामक गैर लाभकारी संगठन के फाउंडर और चेयरमैन भी हैं। यह साइट ‘यू ट्यूब’ और स्काइपे जैसी साइटों को चलाने के बारे में जानकारी देती है।