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सुहाग के लिए किडनी बेचने को मजबूर महिलाएं

Fri, 30 Nov 2012 01:14 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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अपने परिजनों के लिए कुछ भी कर गुजरने का जज्बा तो कोई इन महिलाओं से सीखे। यूएई की जेल में बंद अपने पतियों की रिहाई के लिए इन महिलाओं ने अपनी किडनियां बेचने की अनुमति सरकार से मांगी है। ये छह महिलाएं आंध्र पदेश की हैं। ये महिलाएं किडनी बेचकर जुटाए गए रकम से जेल में बंद अपने पतियों की रिहाई की कोशिश कर रही हैं।
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इन महिलाओं का कहना है कि उनके पति संयुक्त अरब अमीरात की एक कंसट्रक्शन कंपनी में काम करते थे। 2005 में नेपाली गार्ड मर्डर केस में उन्हें अभियुक्त बनाकर जेल में डाल दिया गया। इस मामले में इन लोगों के अलावा कुछ पाकिस्तानियों को 10 से 24 साल जेल की सजा सुनाई गई। महिलाओं का दावा है कि उनके पति निर्दोष हैं। दुबई में इस मुकदमे की सुनवाई सही तरीके से नहीं हुई।

शरीयत कानून के मुताबिक पीड़ित के परिजन 'ब्लड मनी' लेकर दूसरे पक्ष से समझौता कर सकते हैं। इसलिए ये महिलाएं 15 लाख रुपये जुटाकर पतियों की रिहाई कराने के प्रयास में हैं।
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इन महिलाओं ने बताया कि किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। वे नहीं जानतीं कि इस प्रक्रिया में कितना वक्त लगेगा। इसलिए वे अपनी किडनी बेचकर पतियों की रिहाई कराना चाहती हैं।

माइग्रेंट राइट्स काउंसिल के उपाध्यक्ष भीम रेड्डी ने कहा कि महिलाओं ने स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन से अपनी किडनियां बेचने की अनुमति मांगी है। हालांकि अभी तक उनको कोई जवाब नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि भारत में किडनी बेचना गैरकानूनी है।
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