देश में चुनिंदा मार्गों पर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने के लिए रेलवे ने चीन के साथ हाथ मिलाया है। इसके अलावा रेलवे फ्रेंट कॉरिडोर में भारी ढुलाई और स्टेशनों के विकास में चीन की विशेषज्ञता हासिल करने का इच्छुक है। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेल सेक्टर में आपसी सहयोग के लिए चीन के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता पांच साल के लिए होगा।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल और चीन के उप रेल मंत्री वांग ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके पहले चीन के साथ 14 जनवरी 2008 को किए गए करार की अवधि खत्म हो चुकी है। अधिकारी ने बताया कि भारत-चीन रणनीतिक आर्थिक वार्ता के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा जोकि रेल सेक्टर में भविष्य में सहयोग के बारे में काम करेगा। रेलवे ने देश में बुलेट ट्रेन के परिचालन के लिए सात रूटों की पहचान की है।
इन रूटों पर बुलेट ट्रेन की रफ्तार 300 किमी/घंटा होगी। पांच कॉरिडोर पर प्री संभाव्यता अध्ययन कराया जा चुका है। जापान भी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में अपनी तकनीक मुहैया कराने का इच्छुक है। रेलवे की प्रस्तावित मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की योजना है। इस प्रोजेक्ट को सरकार सिद्धांत रूप में मंजूरी दे चुकी है। इसके निर्माण में करीब 60 हजार करोड़ रुपये लागत का अनुमान लगाया गया है।