छुट्टा पैसा न होने के नाम पर रेल यात्रियों से ज्यादा पैसे ऐंठने वाले वेंडरों पर रेलवे ने नकेल कसने की तैयारी कर ली है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट में इस ठगी की काट रेल यात्रियों के लिए रखी जा सकती है। रेलवे ने इसके विकल्प के तौर पर चाय, पानी और खाने की चीजों के रेट तर्कसंगत करने की तैयारी कर ली है।
उदाहरण के तौर पर चाय के सात रुपये के स्थान पर वेंडर 10 रुपये लेता है या पानी की बोतल के 15 रुपये केस्थान पर 20 रुपये लेता है तो उसे शेष राशि का सामान यात्री को देना होगा। यह सामान बिस्कुट या टॉफी हो सकता है। यही नहीं प्रभु के बजट में ई-कैटरिंग को प्रमुखता दी जा रही है।
रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा की संख्या बढ़ाई जाएगी, जो सीधे तौर पर ई-कैटरिंग से से जोड़े जाएंगे। साथ ही यात्रियों को खाने के अन्य विकल्प उपलब्ध कराने के लिए कई स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित किए जाने की भी घोषणा हो सकती है। यही नहीं कैटरिंग की लाइसेंसिंग पॉलिसी को पूरी तरह बदलने को भी रेलवे ने कमर कस ली है।