एक आठ माह के भारतीय कुत्ते ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचने का कारनामा किया है। जोएनी लेफ्सन नामक महिला ने लेह के एक कचरा स्थल के पास बीमार पड़े इस कुत्ते को बचाया था।
रूपी नाम का यह कुत्ता 5,364 मीटर की दुर्गम चढ़ाई पूरी कर शीर्ष पर पहुंच गया।
पिछले साल सितंबर में दक्षिण अफ्रीकी लेफ्सन ने इस कुत्ते को गोद लिया था। दरअसल, लोफ्सन दुनिया में अपनी तेज चाल के लिए प्रसिद्ध आस्कर कुत्ते के साथ माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने यहां आई थी, लेकिन एक दुर्घटना में इस कुत्ते की मौत हो गई।
इसके बाद लेफ्सन को रूपी मिला और उन्होंने उसे गोद ले लिया। अब यही रूपी एवरेस्ट पर चढ़ने वाला दुनिया का पहला कुत्ता बन गया है।
लेफ्सन ने कहा कि यह कुत्ता दौड़ते हुए उनके पास आया था। वह उस वक्त बेहद कमजोर था। उसके स्वस्थ होने के महीनों बाद करीब साढ़े आठ दिन की बेहद दुर्गम चढ़ाई करते हुए दोनों 26 अक्टूबर को एवरेस्ट कैप पहुंचे।
वहां पर उन्होंने दुनिया के आवारा कुत्तों के लिए घर की दुआ की।