हमारे देश में डॉक्टर को एक तरह से भगवान का दर्जा दिया जाता है। मगर, हकीकत इसके ठीक उलट हो चुकी है। आज के दौर में भारत में निजी अस्पतालों में काम करने वाले ज्यादातर डॉक्टरों पर मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने का दबाव होता है।
इसलिए ये डॉक्टर मरीजों को गैरजरूरी, महंगे और खतरनाक टेस्ट कराने से गुरेज नहीं करते। ताकि अस्पताल और उन्हें मोटी रकम हासिल हो सके। ब्रिटेन के एक प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल द बीएमजे (ब्रिटिश मेडिकल जर्नल) ने यह दावा किया है।
इस साप्ताहिक पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में कोलकाता में हदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गौतम मिस्त्री ने कहा, ‘डॉक्टरों पर अस्पताल प्रबंधन का काफी दबाव होता है। उनसे बेवजह की सर्जरी कराने या फिर मरीजों की जांच का दबाव होता है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें नौकरी गंवाने का डर रहता है।’