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सेना को पाक के खिलाफ कार्रवाई की छूट

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सीमा पर लगातार हो रही फायरिंग पर भारत ने दो टूक कह दिया है कि पहले पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाएगा, उसके बाद ही फ्लैग मीटिंग के बारे में सोचा जाएगा।
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गृह और रक्षा मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर कड़ी जवाबी कार्रवाई की खुली छूट दे दी है। बीएसएफ महानिदेशक डी के पाठक खुद सीमा पर मौजूद रह कर अपनी फोर्स का हौसला बढ़ा रहे हैं।

उधर, पाक से लगने वाली एलओसी पर तैनात सेना भी हाई अलर्ट पर है। अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में पाठक ने कहा कि अब पाकिस्तान की हरेक हरकत का उसी की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।
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अब इस मामले को ठंडा होने में थोड़ा वक्त लगेगा। इस बीच बीएसएफ की कार्रवाई में पाकिस्तान की ओर मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सोमवार शाम पाक की ओर से हुई फायरिंग के बाद बीएसएफ ने देर रात कई घंटो तक जवाबी कार्रवाई की।

बीएसएफ की 40 पोस्टों को निशाना बनाया

बीएसएफ के मुताबिक पिछली बार 29 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तान ने वादा किया था कि वह सीमा पर शांति रखने के लिए हर संभव कोशिश करेगा। इसके लिए हर महीने फ्लैग मीटिंग का करार भी हुआ था।

लेकिन दो बार भारत की पहल के बावजूद पाक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। बीएसएफ ने बताया कि अब पाकिस्तान बिना किसी उकसावे के अंधाधुंध फायरिंग कर नागरिकों को निशाना बना रहा है।

यही वजह है कि सरकार ने पाक को कड़ा सबक सिखाने का फैसला किया है। भारत के कड़े तेवर की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान ने अपनी ताजा कार्रवाई में बीएसएफ की 40 पोस्टों को निशाना बनाया है।

हालात को देखते हुए इस ओर सीमा से लगने वाले लगभग सभी गांवों को खाली करा लिया गया है। ग्रामीणों को सुरक्षा बलों ने एक विशेष कैंप में सुरक्षित रखा है।

दहशत में 52 गांवों से पलायन

पुंछ/आरएस पुरा। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार पाकिस्तानी गोलाबारी से ग्रामीणों में दहशत का आलम है। सीमांत इलाकों से हजारों लोग सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर चुके हैं। बस स्टैंड और बाजार खाली कराए गए हैं। आरएस पुरा सेक्टर के 27 गांवों और अरनिया सेक्टर के 25 गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए कैंपों में रह रहे हैं।

पाक की ओर से गोलाबारी जारी
पाकिस्तान ने मंगलवार सुबह भी अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर गोलाबारी की। सोमवार रातभर रुक-रुक कर गोलाबारी जारी रही। अरनिया सेक्टर में दागे गए मोर्टार से छह लोग घायल हो गए। जबकि परगवाल सेक्टर में चार लोग जख्मी हुए हैं।

डीजीएमओ अधिकारियों के बीच हुई चर्चा
भारत और पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने मंगलवार को सीमा पर तनाव की स्थिति पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के अधिकारियों ने करीब पांच मिनट तक हॉटलाइन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों ही पक्षों ने सीजफायर के उल्लंघन के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया।

आमतौर पर इस तरह की बातचीत मिलिट्री ऑपरेशंस के महानिदेशकों के बीच होती है, लेकिन इस बार भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी ने पाकिस्तानी मेजर जनरल से मौजूदा तनाव पर चर्चा की।

56 नहीं 5.6 का है मोदी का सीना

कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि चुनाव प्रचार में नरेंद्र मोदी 56 इंच के सीने की बात कर रहे थे, लेकिन अब यह सिकुड़ कर 5.6 इंच का हो गया है। यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि आम लोग मारे जा रहे हैं, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री चुप हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘सीजफायर का उल्लंघन करने से पहले पाकिस्तान को दोबारा सोचना चाहिए क्योंकि भारत में अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है। अगर इस तरह की हरकतें आगे भी जारी रहीं, तो हमारे सुरक्षा बल इसका कड़ा जवाब देंगे।’
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संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक समूह के पास पहुंचा पाक

एलओसी पर पैदा हुई तनाव की स्थिति के लिए पाकिस्तान ने उलटे भारत को ही दोषी ठहराया है। राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश मामलों में पाकिस्तानी पीएम के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से कड़ा विरोध जताने के बावजूद भारत सरकार अपने सुरक्षा बलों को रोकने में कामयाब नहीं हो रही है। हमने भारत सरकार से तुरंत सीजफायर का पालन करने को कहा है।

सीमा पर सीजफायर उल्लंघन के मामले में भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराने के बाद पाकिस्तान ने मंगलवार को एलओसी की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक ग्रुप से संपर्क साधा है।

पाकिस्तानी उच्चायुक्त के प्रेस सलाहकार के मुताबिक पाक ने भारत में और इस्लामाबाद में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) ऑफिस में नियंत्रण रेखा की स्थिति को लेकर विरोध दर्ज कराया है। हालांकि भारत पहले ही कह चुका है कि यूएनएमओजीआईपी अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।
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