जनसंख्या विस्फोट के कारण अगले 15 वर्षों में भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व में सर्वाधिक आबादी वाला देश हो जाएगा।
विश्व जनसंख्या अनुमान पर संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2028 तक भारत की आबादी 1.45 अरब हो जाएगी और अगले कई दशकों तक इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी तथा 1.60 अरब तक पहुंचने के बाद इसमें गिरावट शुरू होने का अनुमान है। वर्ष 2100 तक यह 1.5 अरब होगी।
भारत के मुकाबले चीन की आबादी 2030 के बाद से ही कम होनी शुरू हो जाएगी और वर्ष 2100 तक यह 1.1 अरब हो जाएगी।
पृथ्वी पर अगले 12 वर्षों में एक अरब लोगों का अतिरिक्त बोझ बढे़गा और विश्व की जनसंख्या मौजूदा 7.2 अरब से बढ़कर 8.1 अरब हो जाएगी तथा वर्ष 2050 में इसके 9.6 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।
इस दौरान यूरोप की आबादी में और कमी का अनुमान व्यक्त किया गया है। वर्ष 2013 से 2100 के दौरान यूरोपीय देशों की जनसंख्या में 14 प्रतिशत तक की कमी का अनुमान व्यक्त किया गया है।
इसका मुख्य कारण यह है कि यूरोप के लगभग सभी देशों में प्रजनन क्षमता कम है।
जनसंख्या में वृद्धि दक्षिण अफ्रीका जैसे ज्यादा प्रजनन क्षमता वाले देशों तथा भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और अमेरिका जैसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में होगी।