अपने कामकाज के साल भर पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए एक राहत वाली खबर है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आर्थिक विकास के मामले में भारत अगले साल तक चीन से आगे निकल जाएगा। माना जा रहा है कि 2016 तक भारत की जीडीपी 7.7 फीसदी तक पहुंच जाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की वजह से ही दक्षिण एशिया के विकास में काफी तेजी आई है। मंगलवार को जारी किए गए संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं के मध्यावधि आकलन में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस साल के 7.6 फीसदी से बढ़कर 2016 तक चीन को पछाड़कर 7.7 तक जा पहुंचेगी।
तेल की कीमतों में होगा सुधार
वहीं, 2015 में चीन की विकास दर 7 फीसदी, जबकि अगले साल तक इसके 6.8 फीसदी तक रहने का अनुमान है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में औसत महंगाई दर के दशक के न्यूनतम स्तर पर रहने का अनुमान है। वहीं तेल की कीमतों में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद की जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान और पाकिस्तान में अस्थिरता के बावजूद उनकी अर्थव्यवस्थाओं में थोड़ा सुधार आया है।अर्थव्यवस्था में सुधार के बावजूद दक्षिण एशिया में बिजली की कमी, बुनियादी घाटा और सामाजिक व राजनीतिक संकट जैसी विकासात्मक चुनौतियां बरकरार रहेंगी।
विकास दर मजबूत होने के आसार
हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी हल्की रफ्तार के साथ आगे बढ़ती रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया की आर्थिक स्थिति काफी हद तक अनुकूल रहेगी।
घरेलू उपभोग और निवेश में आई तेजी की वजह से 2015-16 के दौरान क्षेत्र की विकास दर भी मजबूत होने के आसार हैं। क्षेत्र की जीडीपी 2015 में 6.7 फीसदी से बढ़कर 2016 तक 6.9 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया है।