भारत ने साफ कर दिया है कि उसे पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने का पूरा अधिकार है। इस संबंध में वह अपने विचारों से चीन को पहले ही अवगत करा चुका है।
विदेश सचिव रंजन मथाई ने संवाददाताओं से कहा कि किसी दूसरे देश के विकास कार्य हमारे लिए उतना महत्व नहीं रखते, जितना कि पीओके में चल रहे विकास प्रोजेक्ट। अगर इनमें पड़ोसी देश चीन मदद कर रहा हो, तो यह हमारे लिए और भी गंभीर मामला है।
मथाई ने कहा कि हमने पीओके में चीनी गतिविधियों के बारे में अपने विचारों से चीनी प्रशासन को अवगत कराया है।
उल्लेखनीय है कि चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग ने हाल ही में कहा था कि चीन भारत की चिंता के बावजूद पीओके में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने में पाकिस्तान का पूरा सहयोग करेगा। केचियांग के इस रुख पर ही मथाई अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त रहे थे।
भारत की चिंता को दरकिनार करते हुए केचियांग ने पाकिस्तान के साथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर एक समझौता भी किया है। इस कॉरिडोर के विवादित क्षेत्र से होकर गुजरने की आशंका है।
अपने दूरस्थ पश्चिमी जिनजियांग क्षेत्र से पाकिस्तान के रणनीतिक पोर्ट ग्वादर तक अरब सागर में एक आर्थिक कॉरिडोर को तैयार करने पर चीन जोर दे रहा है।
इसी कॉरिडोर के विकास के लिए वह पाकिस्तान की सहायता कर रहा है। भारत ने पीओके के प्रोजेक्टों पर चीन से अपनी चिंता जाहिर की है, लेकिन इसके बाद भी वह पाकिस्तान की सहायता कर रहा है।