देश में भ्रष्टाचार पर सिविल सोसायटी, सरकार और विपक्ष के बीच तकरार भले ही अपने चरम पर हो लेकिन वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में जुटी संस्था ने भारत को अपना नेता चुना है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के आयुक्त प्रदीप कुमार को दस देशों की टास्क फोर्स ने अपनी अगुवाई की जिम्मेदारी दी है। इन देशों की तीन सौ संस्थाओं से मिलकर बनी यह टास्क फोर्स विश्व स्तर पर भ्रष्टाचार रोकने और काले धन पर अंकुश लगाने के लिए प्रबंधन का काम करेगी।
इस टास्क फोर्स की पहली बैठक कुआलालंपुर में बीते 4 अक्तूबर को हुई थी। इस फैसले के बाद सतर्कता आयुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि सीवीसी एक साल के भीतर इस क्षेत्र में विश्वभर में हो रहे काम के प्रबंधन की ठोस योजना तैयार करेगी। कुमार के मुताबिक ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई संस्था यह काम कर रही है।
इससे भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ काम कर रहे सभी देशों को सूचना के लिहाज के काफी मदद मिलेगी। भारत इसकी अगुवाई कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अपराध और गैरकानूनी कदमों को रोकने में दुनिया की मदद करेगा। सीवीसी दिल्ली स्थित अपने दफ्तर से टास्क फोर्स को मूलभूत सुविधाओं सहित तमाम सेवाएं देगी।
सीवीसी को नेता चुनने का फैसला विश्व स्तर पर काम कर रही गैर राजनीतिक संस्था इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एंटी करप्शन अथॉरिटी (आईएएसीए) ने किया है। करीब दस देशों की तीन सौ भ्रष्टाचार और काला धन विरोधी संस्थाएं आईएएसीए की सदस्य हैं। इनमें से कई सीवीसी की तरह सरकारी संस्थाएं भी हैं। ब्राजील, विएना, इटली सहित दस देश इस टास्क फोर्स के सदस्य हैं।