भारत ने अमेरिकी व्हिसलब्लोवर एडवर्ड स्नोडेन को राजनीतिक शरण देने से इंकार कर दिया है।
स्नोडेन ने तीन दिन पहले मास्को स्थित भारतीय मिशन के जरिए नई दिल्ली से शरण मांगी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्नोडेन का आग्रह मिलने की पुष्टि की है।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि मास्को स्थित हमारे दूतावास को स्नोडेन की ओर से 30 जून को लिखा गया आग्रह संदेश मिला है। हमने इस आग्रह का बहुत सावधानी से अध्ययन किया। जांच के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि आग्रह स्वीकार करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं है।'
मालूम हो कि अमेरिका के विवादित सर्विलांस प्रोग्राम का खुलासा करने के बाद स्नोडेन ने भाग कर मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट हाल में शरण ली हुई है। इससे पहले वह हांगकांग में थे।
स्नोडेन अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के कांट्रैक्टर और केंद्रीय खुफिया एजेंसी के कर्मचारी रहे हैं। उन पर अमेरिका खुफिया कानून तोड़ने के आरोप लगे हैं।
उन्होंने खुलासा किया था कि अमेरिका खुफिया डाटा माइनिंग प्रोग्राम के तहत दुनिया भर के लोगों की जासूसी कर रहा है और भारत का इसमें पांचवां स्थान है।
जून में विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन आसंजे ने भी भारत से शरण मांगने का दावा किया था। असांजे का कहना था कि भारत ने उनका भी आग्रह ठुकरा दिया था। भारत ने इस आरोप से इनकार किया था।