अगर सरकार की कवायद रंग लाई तो जल्द ही भारत से पाकिस्तान की दूरी महज 40 मिनट में ही तय कर ली जाएगी। ऐसा होने से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते मधुर होने के साथ ही दोनों देशों की आवाम को भी करीब आने का मौका मिलेगा। दोनों ओर के सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन और व्यापार के क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा।
जम्मू शहर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित आर एस पुरा सेक्टर से पाकिस्तान में स्थित सियाल कोट महज 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार के समक्ष रखने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना था कि वे केंद्र सरकार से सिफारिश करेंगे कि ‘ट्रेड एंड ट्रेवल के लिए जम्मू-सियालकोट मार्ग को खुलवाने के लिए पाकिस्तान सरकार के समक्ष इस मुद्दे को रखा जाये। मुख्यमंत्री का भी मानना था कि इस मार्ग के खुलने से न केवल दोनों ओर के लोगों को एक-दूसरे के क्षेत्र में जाने में सुविधा होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा उनकी प्राथमिकता सूची में है।
इस समय पाकिस्तान नियंत्रण वाले कश्मीर (पीओके) के साथ पुंछ और उड़ी मार्ग से क्रास एलओसी ट्रेड चल रहा है। बैठक के दौरान क्रास एलओसी ट्रेड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेड आइटम की सूची के संशोधन और बैंकिंग सुविधा का मुद्दा वे पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐसे मुद्दे हैं जिन पर दोनों देशों का आपसी सहमति से समझौता होना चाहिए।