केंद्र सरकार ने कड़ा रुख कायम रखते हुए फैसला किया है कि पाकिस्तान से तब तक कोई बातचीत नहीं होगी जब तक वह सीमा पर फायरिंग बंद नहीं करता। अब भारत पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत अपनी शर्तों पर करेगा और कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं बनने देगा।
सीमा पर दोनों ओर से हो रही लगातार फायरिंग की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और रक्षा व गृहमंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।
सूत्रों ने बताया कि मोदी ने एनएसए और एजेंसियों के कड़े रुख का समर्थन करते हुए फैसले में जल्दबाजी नहीं करने पर सहमति जताई है।
पीएम ने यह भी कहा है कि बातचीत की सूरत में पाकिस्तान को किसी भी तरह से वर्चस्व का मौका नहीं दिया जाए। हालांकि भारत की कोशिश है कि दो तीन दिनों में सीमा पर हालात सामान्य कर लिए जाएं लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को पहले अपनी हरकतों से बाज आना होगा।