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60 साल बाद भी 'सुराज' के लिए चिंतित है देश: मोदी

Wed, 06 Feb 2013 05:15 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के 60 साल बाद भी देश 'सुराज' अर्थात बेहतर शासन के लिए चिंतित है। मोदी ने इशारे ही इशारे में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पूरे देश में निराशा का माहौल है
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मोदी ने कहा, 'मैं पटेल और गांधी की धरती से आ रहा हूं। इन्होंने अपनी जवानी देश को स्वराज्य दिलाने के लिए जेलों में बिता दी। उन्होंने कहा कि गांधी और पटेल के प्रयासों से हमें स्वराज्य तो मिल गया, लेकिन आज आजादी के 60 साल बाद भी देश सुराज के लिए चिंतित है।

मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत सबसे नौजवान देश है, फिर भी देश के भीतर निराशा का माहौल है। मोदी ने 'आधा ग्लास पानी' का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे लिए ग्लास आधा पानी से भरा और आधा हवा से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पिछड़े इलाके के लोग भी बड़ी सोच रखते हैं।
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गुजरात के विकास मॉडल को सामने रखते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात में एक तरफ रेगिस्तान और दूसरी तरफ पाकिस्तान है। इसके बावजूद गुजरात में कृषि विकास दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं, देश में कृषि का विकास 4 प्रतिशत तय होता है और 2 प्रतिशत पर सिमट जाता है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कृषि, उद्योग और सर्विस सेक्टर में बराबरी से विकास हुआ है।

अपने भाषण में गुजरात को केंद्रित करते हुए मोदी ने कहा कि दिल्ली में जो दूध आता है, वो गुजरात से आता है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोग गुजरात का टमाटर खाते हैं। मोदी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि यूरोप के लोगों के लिए भिंडी भी गुजरात से ही जाती है। मोदी ने कहा कि इसी का परिणाम है कि गुजरात के किसानों की आय तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां देश में जल-स्तर घट रहा है और दूसरी तरफ गुजरात का जल-स्तर बढ़ रहा है।

वहीं, कॉलेज के बाहर कुछ छात्र-छात्राओं ने हाथों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर लिए मोदी के विरोध में प्रदर्शन किया। इन लोगों ने मोदी-विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग की। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों की अनदेखी करना है। गौरतलब है कि श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्र-छात्राओं के बीच पोल कराकर मोदी को वक्ता के रूप में चुना गया था।
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