काले धन के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत साइप्रस में भारत का पहला इनकम टैक्स दफ्तर जल्द काम करना शुरू कर देगा। इससे साइप्रस से आने वाले फंड पर नजर रखी जा सकेगी।
इसके साथ भारत ने साइप्रस से आने वाले निवेश पर मिल रहे टैक्स छूट पर जो पाबंदी लगाई थी वह भी खत्म हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी अनुमति दे दी है और अब वहां भारतीय राजस्व सेवा का कोई अधिकारी तैनात किया जाएगा। साइप्रस विदेशी निवेश का अहम स्त्रोत है।
इसके साथ ही भारत , फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, जापान, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका में भी भारतीय राजस्व सेवा का एक-एक अधिकारी नियुक्त करेगा।
इन देशों में भारत के इनकम टैक्स दफ्तर खुल चुके हैं और कुछ दिनों के भीतर यहां अफसरों की तैनाती हो जाएगी।
इस तरह के दो दफ्तर पहले से ही मारीशस और सिंगापुर में चल रहे हैं। भारत और साइप्रस के बीच 1994 में दोहरे कराधान से बचने का समझौता हुआ था।