नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बढ़ते तनाव के बीच भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए मंगलवार से शुरू हो रही वीजा ऑन एराइवल की प्रक्रिया टाल दी है। नए वीजा नियमों के तहत दोनों देशों के 65 साल की उम्र से ऊपर के लोगों को सीमा पर ही वीजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार अगले महीने से लागू होने जा रहे ग्रुप वीजा प्रावधान पर भी रोक लगा सकती है।
गौरतलब है कि बीते दिसंबर में ही पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक ने भारत आकर गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के साथ इस करार को लागू करने की घोषणा की थी। दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के उपायों (सीबीएम) में नए वीजा नियमों को काफी अहम माना जा रहा था।
एलओसी पर पाक की बर्बर करतूत के बाद गृहमंत्री शिंदे ने कह भी दिया था कि पाकिस्तान के साथ वीजा करार पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन मंगलवार को इसे अनिश्चित समय के लिए टालने का फैसला किया गया। दोनों देशों के बुजुर्गों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए वीजा ऑन एराइवल की शुरुआत को टालना सरकार के कड़े रुख की बानगी माना जा रहा है।
गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि वीजा ऑन एराइवल सुविधा को लागू करने के लिए अभी कोई तिथि तय नहीं की गई है। हम उचित समय पर कोई फैसला करेंगे। गौरतलब है कि व्यापारियों और सैलानियों को ग्रुप वीजा देने की शुरुआत अगले महीने होनी है। सूत्रों ने बताया कि इस पर सरकार के रुख के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
अटारी बार्डर पर काउंटर बंद
भारत-पाक के बीच के वीजा ऑन अराइवल सुविधा बंद होने से पहले इसका फायदा दो भारतीयों ने उठाया। सुबह दस बजे खुले इस वीजा सेंटर पर पाकिस्तान की ओर से कोई बुजुर्ग भारत नहीं आया। दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तय हुआ था कि 65 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्ग घूमने के लिए आना-जाना चाहते हैं तो 15 जनवरी से अटारी बार्डर पर उन्हें मौके पर ही वीजा दिया जाएगा।
नई सुविधा के तहत दो भारतीय यात्री चंडीगढ़ के चंचल मनोहर सिंह और जम्मू-कश्मीर की जुबेदा बेगम पाकिस्तान गए। दोपहर बाद विदेश व गृह मंत्रालय से आए आदेश के बाद यह सुविधा वापस ले ली गई और काउंटर बंद कर दिया गया।