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नेविगेशन सिस्टम के उपग्रहों में चीन को चुनौती देने की तैयारी में भारत

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कारगिल युद्ध के दौरान सूचनाओं को हासिल करने में हुई दिक्कत से सबक लेते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने घरेलू उपग्रहों की श्रृंखला के अंतिम तीन उपग्रह लांच करने की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। इसरो नेविगेशन सेटेलाइट में चीन को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहा है जिसके बेदाउ नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम में 35 उपग्रह हैं।
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इसरो सूत्रों के मुताबिक भारतीय क्षेत्रीय नौसंचालन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) के नए उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई को अगले महीने लांच किया जाएगा। इस श्रृंखला के दो और उपग्रह मार्च तक अंतरिक्ष में स्थापित कर दिए जाएंगे। आईआरएनएसएस केंद्र के लिए बंगलूरू में कंप्यूटरों और सर्वरों की स्थापना का काम पूरा हो चुका है।

इसके अलावा नेविगेशन साफ्टवेयर भी स्थापित हो चुके हैं। इस क्रम में लखनऊ में भी नेविगेशन सेंटर बनाया जा रहा है। इस तरह के बीस स्टेशन बनेंगे। भोपाल, हासन, जोधपुर और शिलांग में स्टेशन बनाने के लिए काम चल रहा है।
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युद्ध में होगा फायदा

आईआरएनएसएस-1ई 1330 किलोग्राम भार का होगा और इसके सोलर पैनल से 1400 वाट ऊर्जा उत्पादित होगी। कारगिल युद्ध के दौरान घरेलू उपग्रह की कमी के कारण भारतीय सेना को सूचनाओं के लिए अमेरिकी जीपीएस सिस्टम पर निर्भर रहना पड़ा था। आईआरएनएसएस के तहत अभी सात उपग्रह की योजना है लेकिन बाद में इस श्रृंखला में चार और उपग्रह जोड़े जाएंगे।

युद्ध की स्थिति में अमेरिकी जीपीएस और यूरोपियन गैलिलियो सेटेलाइट सिस्टम की सेवा की गारंटी नहीं रहती है। लिहाजा भारतीय घरेलू उपग्रह सेवा ही सेना के लिए डाटा और सूचनाओं के एकमात्र विश्वसनीय आधार होंगे। अति आधुनिक गाइडेड मिसाइल में नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल होता है। सेना और विशेष अधिकृत उपभोक्ताओं के अलावा इन उपग्रहों से सामान्य नागरिकों को भी मोबाइल एवं अन्य उपकरणों के लिए सेवाएं मिल सकेंगी।

आईआरएनएसएस के चार उपग्रह 1ए, 1बी, 1सी और 1डी पहले ही लांच हो चुके हैं। अब दिसंबर में 1ई, फरवरी में 1एफ और मार्च में 1जी को लांच करने की तैयारी है। अगले साल मार्च के बाद इस श्रृंखला के सभी सात उपग्रह पूरी तरह काम करने लगेंगे। इस पर लगभग 1420 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस सिस्टम के तहत जमीन पर बनने वाले मास्टर कंट्रोल केंद्र पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हर उपग्रह पर अलग से 125 करोड़ का खर्च आ रहा है।
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