चीन की ओर से लगातार हो रही घुसपैठ की घटनाओं के संदर्भ में भारत कूटनीतिक पहल नहीं करेगा। सरकार इस मामले में अन्य विकल्पों और साधनों को आजमाएगी।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों चुमार सेक्टर में घुसपैठ के बाद बीते 11 जुलाई को चीनी सेना के दो हेलीकॉप्टरों का लद्दाख के इसी इलाके में वायु क्षेत्र के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
चीन की ओर से बार-बार हो रहे घुसपैठ के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अकबरुद्दीन ने कहा कि इस बारे में फिलहाल कूटनीतिक पहल के बारे में नहीं सोचा गया है।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय से इतर भी इससे जुड़े मंत्रालय और विभाग हैं। इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय की ओर से कूटनीतिक पहल की बात नहीं हो रही। इसी मसले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने मीडिया पर घुसपैठ की घटनाओं को सनसनीखेज बनाने का आरोप लगाया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले चीनी सैनिक चुमार सेक्टर में घुसने के बाद वहां लगे निगरानी कैमरे उतार ले गए थे। इस मुद्दे पर भारतीय सेना के विरोध जताए जाने के बाद फ्लैग मीटिंग में चीन ने निगरानी कैमरे लौटा दिए थे।
इस घटना की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि बीते 11 जुलाई को लद्दाख के चुमार सेक्टर में चीनी सेना के दो हेलीकॉप्टरों के वायु क्षेत्र के उल्लंघन की घटना सामने आई। हालांकि सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की।
बताते हैं कि इस दिन चीनी सेना के हेलीकॉप्टरों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन किया।