नेपाल ने भले ही रक्सौल और सौनौली में बलपूर्वक आंदोलनकारियों को हटा कर यातायात बहाल कर लिया है, मगर वहां अभी जरूरी चीजों की किल्लत बदस्तूर जारी रहेगी।
प्रवेश द्वार पर मधेसियों की ओर से की गई आर्थिक नाकेबंदी हटाए जाने के बाद भी भारत फिलहाल बीते दिनों की तरह सामान लदा ट्रक नेपाल भेजने के लिए तैयार नहीं है।
भारत चाहता है कि सामान्य आवागमन के लिए पहले नेपाल को हर हाल में सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। दरअसल नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का आंदोलनकारियों को मदद देने और एक मंत्री का सादी वर्दी में सेना भेजे जाने के आरोप से भारत काफी नाराज है।
इससे पहले भी तेल की कमी की किल्लत दूर करने के लिए नेपाल का चीन से समझौता, भारत के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी मामले में संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाए जाने की घटना से भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनातनी बढ़ गई थी।