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बराक ओबामा की योजनाओं में भारत बड़ा भागीदार

Wed, 21 Nov 2012 01:04 PM IST
नाम पेन्ह से उदय कुमार
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को नाम पेन्ह में जब आमने-सामने हुए, तब दोनों का दोस्ताना मिलन देखते ही बन रहा था। प्रधानमंत्री ने उन्हें दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने की बधाई दी, तो ओबामा ने धन्यवाद के साथ भारत को अपनी योजना का महत्वपूर्ण भागीदार बताकर मनमोहन का मान बढ़ाया।
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अमर उजाला ने 19 नवंबर को ही बता दिया था कि भले ही ओबामा-मनमोहन में द्विपक्षीय वार्ता तय नहीं है, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति को बधाई देने का मौका मिलेगा।

दरअसल जनवरी में शुरू हो रहे अपने दूसरे कार्यकाल में बराक ओबामा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका को मंदी से उबारने की है। इसीलिए पूर्व एशिया के देशों के सम्मेलन से एक दिन पहले ही ओबामा म्यांमार होते हुए सोमवार शाम को ही नान पेन्ह पहुंच गए थे और पीएम हुन सेन द्वारा आसियान और उसके नजदीकी देशों के शासनाध्क्षों को दिए गए रात्रि भोज में शामिल हुए थे।
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तब मनमोहन से उनका केवल औपचारिक अभिवादन हुआ था। मंगलवार को पूर्व देशों के शिखर सम्मेलन और आसियान सम्मेलन की रिट्रीट सेरेमनी के दौरान ओबामा और मनमोहन सिंह दो बार मिले। प्रधानमंत्री ने ओबामा से कहा, ‘मिस्टर प्रेसीडेंट, पुनर्निवाचन पर आपको बधाई।’

मनमोहन के इस भावपूर्ण बधाई संदेश पर ओबामा ने प्रधानमंत्री का हाथ थामे हुए ही कहा, ‘मेरी योजनाओं में भारत बड़ा हिस्सेदार है।’ बीते छह नवंबर को हुए मतदान में ओबामा फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति चुने गए हैं और उसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनकी यह पहली मुलाकात थी।

ओबामा ने व्यक्तिगत बातचीत में दरअसर मनमोहन सिंह के उस बधाई संदेश का भी सकारात्मक जवाब दिया, जिसमें उनकी जीत के बाद प्रधानमंत्री ने अमेरिका से और बेहतर व परिणामदायक रिश्तों की उम्मीद जताई थी।

सुरक्षा सलाहाकारों के बीच डेढ़ घंटे वार्ता
नाम पेन्ह में जहां राष्ट्रपति ओबामा ने पीएम मनमोहन सिंह से गर्मजोशी से मुलाकात की, वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और उनके अमेरिकी समकक्ष टाम डोनिलोन के बीच करीब डेढ़ घंटे वार्ता हुई। जानकारों के मुताबिक इस बातचीत में भी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने पर ही चर्चा हुई है। आपसी हित के कई मुद्दों पर दोनों के बीच सहमति बनी है जो आगे अमेरिका-भारत के संबंधों को नई दिशा देगी।
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