कैप्टन सौरभ कालिया के मामले को भारत ने संयुक्त राष्ट्र सामान्य सभा समेत दो बार विश्व मंच पर उठाया है। कैप्टन कालिया को 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने बंदी बनाने के बाद टार्चर कर मार डाला था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वे शहीद कैप्टन के पिता एन के कालिया की याचिका पर संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग की जांच के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपने पुत्र के मामले को ले जाने के लिए सरकार को निर्देशित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर रखी है।
लेकिन भारत सरकार इस मामले को आईसीजे के सामने ले जाने की इच्छुक नहीं है क्योंकि वह मानती है कि यह द्विपक्षीय मामला है। इसलिए द्विपक्षीय या आंतरिक मामलों में आईसीजे के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।