भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता पर दावा जताने संबंधी प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। भारत इस क्रम में दो दिनों से अफ्रीकी देशों के साथ जारी द्विपक्षीय वार्ता में इस बारे में सहमति बनाने में जुटा है।
भारत चाहता है कि प्रस्ताव में उसके साथ यूएन में अफ्रीकी महाद्वीप को प्रतिनिधित्व देने की मांग शामिल हो। खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में खुद मोर्चा संभाल रखा है।
बुधवार को उनकी 19 अफ्रीकी देशों केसाथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में प्रस्ताव लाए जाने संबंधी मुद्दा अहम एजेंडे में शामिल था। इसके अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी दो दिनों में 21 विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की। भारत की लिए राहत की बात यह है कि इस मामले में अफ्रीकी देशों का रुख सकारात्मक है।
अफ्रीकी देशों में सर्वाधिक ताकतवर दक्षिण अफ्रीका ने तो मंगलवार को यूएन पर वैश्विक शांति, स्थिरता स्थापित करने और विकास का लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहने तक का आरोप लगाया था। जबकि सुषमा ने यूएन के वर्तमान ढांचे पर यह कहकर सवाल खड़ा किया था कि इसमें दुनिया की आबादी के छठवें हिस्से को संतुलित भागीदारी से दूर रखा गया है।