भारत के लिए यह खुश होने की बात हो सकती है कि वह अगले साल चीन को विकास दर में पीछे छोड़ सकता है। आईएमएफ की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में उम्मीद जतार्ह गई है कि 2016 में जहां चीन की विकास दर 6.3 फीसदी रहेगी तो भारत की विकास दर उससे ज्यादा 6.5 फीसदी हो जाएगी।
आईएमएफ ने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक सुधार से उम्मीद जगी है, लेकिन इसका क्रियान्वयन कैसे होता है यह अधिक महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट में दोनों देशों की विकास दर की तुलना करते हुए कहा गया है कि 2014 में भारत की विकास दर 5.8 फीसदी थी जबकि चीन की विकास दर 7.4 फीसदी थी।
इससे पहले 2013 में भारत में यह 5 फीसदी थी तो चीन की विकास दर 7.8 फीसदी थी। 2015 में भारत की विकास दर 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है जो कि 2016 में बढ़कर 6.5 फीसदी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि अगले साल भारत विकास दर में चीन से आगे हो जाएगा।
आईएमएफ की शोध शाखा में उप निदेशक ग्यान मारिया ने मोदी सरकार के आर्थिक सुधार पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उनका मानना है कि नई सरकार की सुधार योजनाएं आशाजनक है, बस देखना है कि वह इनका क्रियान्वयन किस प्रकार किया जाता है।