भारत चाहता है कि अस्थिरता के दौर से गुजर रहा नेपाल सुरक्षा मामलों में कोई कोताही नहीं बरते। इसी उद्देश्य से भारत का सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल की आर्मर्ड पुलिस फोर्स पहली बार सीमा संबंधी मुद्दों पर पर बैठक करने जा रही हैं।
सोमवार से शुरू होने जा रही इस तीन दिवसीय बैठक में नेपाल स्थित अहम भारतीय ठिकानों की सुरक्षा और पाकिस्तान व चीन के जरिए होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों पर फैसले लिए जाएंगे।
गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक नेपाल का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकी गतिविधियां और नकली भारतीय नोटों की तस्करी कर रही है। बैठक में इसी मुद्दे पर खास बातचीत होगी।
इसके अलावा चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भी नेपाल पर जोर दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि नेपाल में पाकिस्तान और चीन की भारत विरोधी करतूतों के बारे में खुफिया एजेंसियों को सारी जानकारी है। मगर नेपाल की अस्थिर सरकार और राजनीतिक हालात की वजह से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
भारत चाहता है कि वहां की आर्मर्ड पुलिस फोर्स के सहयोग से सीमा पर चौकसी बढ़ा कर इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं। इसके लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। सूत्रों ने बताया कि नेपाल में माओवादियों की यंग कम्युनिस्ट लीग (वाईसीएल) नाम की संस्था अभी भी भारत विरोधी माहौल बनाने का काम बे रोक टोक कर रही है।
इतना ही नहीं वह चीन की तकनीक से बने उपकरणों द्वारा भारत से की जाने वाली दूरसंचार को भी ट्रैक कर रही है। यह सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील है। सूत्र ने बताया कि माओवादियों की यह संस्था नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। भारत की कोशिश है कि नेपाल में भारत द्वारा बनाए गए डैम और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) जैसे ठिकानों की सुरक्षा के लिए नेपाल गंभीरता से काम करे।