अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने शुक्रवार को अपना लोकपाल गठित करने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि हाईकोर्ट के तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की कमेटी प्रशांत भूषण, अंजलि दमानिया और मयंक गांधी के खिलाफ लग रहे आरोपों की जांच करेगी। केजरीवाल ने बताया कि जनता ई-मेल के जरिये भी किसी शख्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेगी।
पेशे से वकील प्रशांत भूषण पर नोएडा और हिमाचल प्रदेश में गलत तरीके से जमीन हथियाने का आरोप लगा है। वहीं, आईएसी की मुंबई शाखा के प्रमुख मयंक गांधी पर आरोप है कि उन्होंने अपने चाचा की रियल एस्टेट कंपनी को एक ठेका दिलाने में मदद पहुंचाई, जिसे बाद में महाराष्ट्र सरकार ने रद्द कर दिया था। इसके अलावा नितिन गडकरी के खिलाफ सबूत जुटाने वाली अंजलि दमानिया पर किसानों से कम कीमतों पर जमीन लेकर भारी मुनाफे पर बेचने का आरोप है।
केजरीवाल ने बताया कि आईएसी के तीन सदस्यों पर आरोप लग रहे हैं। हमने इसकी जांच कराने की सरकार से कई बार मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा तय किया गया कि इसकी जांच खुद कराई जाए। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
इसमें दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एपी शाह, पूर्व न्यायाधीश जसपाल सिंह और बांबे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएच मरलापल्ले शामिल हैं। कमेटी तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देगी। उन्होंने कहा कि दोषी साबित होने पर सदस्यों को पार्टी की सदस्यता नहीं मिलेगी।