फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीनियों ने भारतीय सीमा में गाड़े तंबू

विज्ञापन
विज्ञापन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बुधवार से शुरू हो रही भारत यात्रा से पहले लद्दाख के डेमचक इलाके में पिछले दस दिनों से जारी तनाव और गहरा गया है।
विज्ञापन


भारतीय सीमा में घुसपैठ करने वाले चीनी नागरिकों ने अब वहां टेंट लगा लिया है। चीनी नागरिक इलाके में सिंचाई के लिए बन रही एक नहर का विरोध कर रहे हैं।

हालांकि भारतीय नागरिक भी मौके पर डटे हुए हैं और उन्होंने निर्माण कार्य रोकने से साफ इनकार कर दिया है। दोनों देश की सेना अपने-अपने नागरिकों की रक्षा में आमने-सामने आ गई है।

लद्दाख के भाजपा सांसद थुपस्तन चेवांग ने नागरिकों की घुसपैठ को चीनी सेना की कार्रवाई बताया है। चीनी नागरिकों ने नहर का निर्माण कार्य रुकने तक इलाका खाली करने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन

चीनी नागरिकों ने लगाया टेंट

चेवांग ने कहा कि चीनी सेना ने नहर निर्माण को रोकने के लिए अपने नागरिकों को आगे किया है। जबकि नहर पूरी तरह से हमारी सीमा के भीतर है। इस बार चीन की पीपुल्स आर्मी परदे के पीछे से काम कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक लेह से करीब 300 किमी दूर डेमचोक इलाके में चीन के खानाबदोश ‘रेबोस’ समुदाय के लोगों ने अब भारतीय सीमा में टेंट लगा लिए हैं। वे पांच और छह सितंबर की रात भारतीय सीमा में 500 मीटर तक अंदर चले आए थे।

भारतीय नागरिक भी मौके पर जमे हुए हैं और वे चीनी नागरिकों को नहर निर्माण कार्य नहीं रोकने दे रहे हैं। इस कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

दोनों तरफ की सेना अपने-अपने नागरिकों की रक्षा के लिए मौके पर मुस्तैद है। यह इलाका कैलाश मानसरोवर के रास्ते में पड़ता है।

चुमार में पीछे हटी चीनी सेना

भारत सरकार चीन से इस मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की मांग कर रही है, क्योंकि यह मार्ग अपेक्षाकृत कम जोखिम भरा है।

चुमार इलाके में घुसकर भारतीय सेना के 100 जवानों को घेरने वाली चीनी सेना अब पीछे हट गई है। भारतीय सेना के मौके पर और जवानों को भेजने के बाद चीनी सेना को पीछे हटना पड़ा।

इस मुद्दे को चुशुल में हुई नियमित फ्लैग मीटिंग में भी उठाया गया था। सोमवार को भारतीय इलाके में चीनी सेना के 500 मीटर तक अंदर आने और जवानों को घेरने की सूचना आई थी।

लद्दाख से सांसद थुपस्तन चेवांग ने बताया कि चीन की सेना ने नहर निर्माण को रोकने के लिए अपने नागरिकों को आगे किया है, जबकि नहर पूरी तरह से हमारी सीमा के भीतर है। इस बार चीन की पीपुल्स आर्मी परदे के पीछे से काम कर रही है।

भारत की चिंताओं को समझे चीन: मोदी

लद्दाख और लेह में सीमा पर तनाव के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी के लिए तैयार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी चिंताओं पर सकारात्मक प्रगति के साथ पड़ोसी देश से संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत दोनों देशों की क्षमता के भरपूर दोहन के लिए आपसी और बराबरी के सिद्धांत पर चलना चाहता है। चीनी पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के लिए दोनों देशों को एक दूसरे की चिंताओं और महत्वाकांक्षाओं को लेकर संवेदनशील होना चाहिए।

गौरतलब है कि लेह और लद्दाख में भारतीय सीमा में चीनी सेना और उसके नागरिकों की घुसपैठ की वजह से वहां बने तनावपूर्ण स्थिति को लेकर रिश्तों में तल्खी आई है।

विविध क्षेत्रों में सहयोग की आशा करते हुए मोदी ने कहा कि क्षेत्र और दुनिया के भविष्य के लिए चीन अहम है। चीन के साथ संबंध को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने बुधवार को मेहमान राष्ट्राध्यक्ष के साथ होने वाली वार्ता को ‘इंच टुअर्ड्स माइल्स’ का नारा दिया।
विज्ञापन

‘इंच टुअर्ड्स माइल्स’ का नारा

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों में एक दूसरे के विकास को गति देने की भरपूर क्षमता है और इस दिशा में मिलकर किया गया काम बेमिशाल होगा। लेकिन इसे करने के लिए हमें आपसी विश्वास और भरोसे को मजबूत बनाने के साथ एक दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशील होना होगा।

उन्होंने कहा कि एशिया में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और दोनों के बीच करीबी सहयोग से 2.5 अरब लोगों का कल्याण हो सकता है।

चीन की ओर से एक नए सिल्क मार्ग की पहल पर मोदी ने कहा कि व्यापार के प्राचीन मार्गों को खोलने की जरूरत है लेकिन शांति, स्थायित्व, आपसी विश्वास और सम्मान, आपसी समृद्धि का समर्थन और वाणिज्य व विचारों का स्वतंत्र प्रवाह भी बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि गणित के हिसाब से अगर दुनिया की 35 फीसदी आबादी एक साथ मिलकर काम करे तो इससे दुनिया की 65 फीसदी आबादी को भी फायदा पहुंचेगा।

प्रधानमंत्री ने चीन के साथ रिश्तों को पारिभाषित करने के लिए ‘इंच टुअर्ड्स माइल्स’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि इंच से आशय ‘इंडिया और चीन’ से है जबकि माइल्स का मतलब ‘मिलेनियम ऑफ एक्सेप्सनल सिनर्जी’ है, जो दुनिया के सामने दोनों देशों के बीच तालमेल की अनोखी मिशाल होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें