केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के आपत्तिजनक बयान पर संसद में हंगामा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला।
विपक्ष ने एकता दिखाते हुए साध्वी निरंजन ज्योति से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद कई बार भारी विरोध के कारण सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा। भारी हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्रवाई पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में साध्वी निरंजन ज्योति के इस्तीफे की मांग के साथ ही भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बारे में सफाई मांगी। पर सत्तापक्ष ने उनकी इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद ही विपक्षी सांसद विरोध स्वरूप सदन से बाहर चले गए।
जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का ब्योरा सदन पटल पर रख रही थीं तो उस समय सदन में विपक्ष मौजूद ही नहीं था। केंद्र की एनडीए सरकार को राज्यसभा में अच्छी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। क्योंकि इस सत्र में राज्यसभा में विपक्ष उन पर लगातार हावी होता जा रहा है।
विपक्ष के विरोध से परेशान केंद्रीय संसदीय मंत्री वैंकेया नायडू ने यहां तक कह दिया कि विपक्ष के लोगों को पांच साल तक हमको सुनना ही पड़ेगा। तो उनके जवाब में माकपा सांसद सीताराम येचुरी ने कहा कि हम विपक्ष में बैठे हैं तो आपको भी हमें पांच साल तक सुनना होगा।