प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिकॉर्ड मतों से लोकसभा भेज चुकी वडोदरा सीट पर महिलाओं से पूछा जा रहा है- क्या आप वेश्या बनना चाहती हैं? वडोदरा लोकसभा सीट समेत गुजरात की 9 विधानसभा सीटों पर 13 सितंबर को मतदान होना है।
उससे पहले गुजरात में एक पोस्टर बांटा जा रहा है, जिस पर गुजराती में लिखा है- क्या आप वेश्या बनना चाहती है? नहीं, तो पढ़िए, विचार कीजिए और बहस कीजिए।
पोस्टर हिंदू लड़कियों का ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसे विश्व हिंदू परिषद ने छपवाया है। पोस्टर के विषय को लेकर गुजरात में तूफान खड़ा हो गया है।
हिंदू लड़कियों को फुसला रहे मुस्लिम
ये पोस्टर भी भाजपा और उसके समर्थक संगठनों द्वारा लव जिहाद के नाम पर चलाए जा रहे प्रोपेगंडा की एक कड़ी है। पोस्टर पर हिंदू लड़कियों को बाकायदा समझाया गया है कि यदि वे लव जिहाद की शिकार होती हैं, जो उनका भविष्य क्या होगा।
पोस्टर में हिंदू माता-पिता से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों को 'अल्पसंख्यकों के षडयंत्र' से बचाएं।
पोस्टर में कहा गया है कि 1947 के बाद से ही हिंदुओं की संख्या मुसलमानों और इसाइयों के मुकाबले कम होती गई है, क्योंकि मुस्लिम लड़के अच्छे कपड़े पहनकर हिंदू लड़कियों को बहलाफुसला रहे हैं। वे कॉलेजों, हॉस्टल और स्कूलों के चक्कर लगाते रहते हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि वे अपनी संख्या बढ़ा सकें।
पोस्टर में कई बातें तथ्यात्मक रूप से गलत
पोस्टर में विवेकानंद के भाषण के कथित अंशों का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जब हिंदू समाज का एक व्यक्ति इस्लाम या इसाई धर्म स्वीकार करता है, तो इसका यह मतलब नहीं होता कि एक हिंदू कम हो गया, बल्कि इसका मतलब होता है कि हिंदू समाज का एक दुश्मन बढ़ गया।
पोस्टर में ऐसी कई बातें हैं जो तथ्यात्मक रूप में गलत है। पोस्टर में कहा गया है कि अल्पसंख्यक समुदायों के लड़के और मर्द हिंदू नाम रखकर ऐसी हिंदू लड़कियों को फुसला रहे हैं, जो स्कूलों, अस्पतालों या न्यायालयों में छात्रा, मरीज या मुवक्किल के रूप में उनके संपर्क में आती हैं। वे नौकरानी के रूप में काम करने वाले या मानसिक रूप से कमजोर हिंदू महिलाओं को भी नहीं छोड़ते।
पोस्टर पर सूरत का पता और फोन नंबर
विहिप के सदस्यों का कहना है कि वडोडरा और देश के अन्य हिस्सों में ये पोस्टर लव जिहाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों से इसका कोई लेनादेना नहीं है।
एक विहिप सदस्य ने बताया, 'इन पोस्टरों को चुनावों से कोई लेनादेना नहीं है। और ऐसा भी नहीं कि इन्हें उन्हीं स्थानों पर बांटा गया है, जहां चुनाव होना है।'
पोस्टर में राज्य सरकार और हिंदू माता-पिता के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली गई है। पोस्टर में कहा गया है कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हिंदू लड़कियों के साथ निकाह कर ले रहे हैं और वे ऐसा करने के लिए अपने दोस्तों को भी उकसा रहे हैं। बाद में वे हिंदू लड़कियों का वेश्यावृत्ति में ढकेल दे रहे हैं या उन्हें बेच दे रहे हैं।
पोस्टर विहिप द्वारा छपवाया गया है, जिसपर राजकोट, कर्णावती (अहमदाबाद) और सूरत का पता और फोन नंबर छपा है।